Monday, August 24, 2015
Tuesday, February 2, 2010
Friday, January 29, 2010
Tuesday, January 12, 2010
मन है ज्यों
लबालब नदी ,
जीवन की ऊष्मा से तरल ,
झिलमिल करती आशा से !!
मन है ज्यों
मेघ आच्छादित आकाश,
उमड़- घुमड़ कर बरसाने को आतुर ,
नेह भरी बूँदें !!
मन है ज्यों
रंग-बिरंगी तितलियाँ ,
सुन्दर हैं क्षणिक ,
पर शाश्वत हैं उल्लासित !!
मन है ज्यों
अनछुए श्वेत बादल ,
अंतहीन व्योम में तैरते,
सब बेड़ियों से पार !!
मन है ज्यों
तारों भरी रात में ,
लुका-छिपी खेलते सपने,
लम्बी छलांगें लगाते ,
एक से दूसरे सितारे पर !!
Wednesday, November 4, 2009
Thursday, September 17, 2009
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